___________________________________ ♥️ कौल ए मुबारक : रमजान मे गरिबों का ख्याल करें, "जो सखावत (दरियादिली) करेगा ओ सरदार होगा और जो कंजुसी करेगा ओ जलीलो ख्वार होगा।" »» हजरत इमाम हुसैन (रजीअल्लाहु अन्हु) ☆ Ramzan Me Gareebo Ka Khayal Kare ☆ ♥ Qaul-e-Mubarak: Ramzan Me Gareebo'n Ka Khayal ...
☆ माहे रमजान मे चार चिजों की कसरत किया करो ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : हुजुर (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया-- "माहे रमजान मे चार चिजो की कसरत करो, इनमे दो चिजें ऐसी है जिनके जरिए तुम अपने रब को राजी कर सकते हो, और दो चिजें ऐसी है जिनके बेगैर तुम्हारे लिए कोई चारह नही। वह दो चिजे जिनके जरिए तुम अपने रब को राजी ...
☆ अल्लाह ने रमजान के रोजे को फर्ज किया है ☆
___________________________________ ♥️ मफ़हुम-ए-हदीस : हुजुर (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) फरमाते हैं-- ❝बेशक अल्लाह तआला ने तुम पर रमजान के रोजो को फर्ज किया है और मैनें तुम्हारे लिए इसकी रात की इबादतों को मसनुन किया, बस जो कोई इमान के साथ और तलबे सवाब की नियत से इसके रोजे रखेगा और इसकी इबादत ...
☆ एक दिन के रोजे का सवाब ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : अबु सइद खुदरी (रजी अल्लाहु अन्हु) ब्यान करते हैं की, रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया-- ❝जो शख्स एक दिन भी अल्लाह तआला की राह में रोजा रखेगा, अल्लाह तआला जहन्नम की आग को उसके चेहरे से सत्तर साल (70 साल) की मुसाफत तक दुर रखेगा।❞ 📕»» साहीह ...
☆ बगैर खाये रोजे से रोजे मिलाकर न रखे ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : अबु हुरैरा (रजीअल्लाहु अन्हु) से मरवी है की-- रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने -- बगैर कुछ खाये पिये रोजे से रोजे मिलाकर रखने से मना फरमाया, ✴तो एक सहाबा ने अर्ज किया की -- "या रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ! आप तो इसी तरह रोजे रखते हैं।" ✴तो ...
☆ रमजान में आसमान के दरवाजे खोल दिये जाते हैं ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : हजरत अबु हुरैरा (रजीअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की हुजुर ए पाक (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया-- ❝ जब रमजान आता है, 'आसमान के दरवाजे खोल दिये जाते हैं' एक रिवायत मे है की 'जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं', एक रिवायत मे है की 'रहमत के ...
☆ ईमान और सवाब के लिए रमजान के रोजे ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : हजरत अबु हुरैरा (रजीअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की, रसुलल्लाह (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया-- ❝जो ईमान की वजह से और सवाब के लिए रमजान का रोजा रखेगा उसके गुनाह बख्श दिया जाएगा, और जो ईमान और सवाब की नियत से रमजान की रातों के क्याम करेगा (नवाफिल ...
☆ रोजे में भी बेहुदा बातों से बचा जाए ☆
___________________________________ ♥️ हक बात : सिर्फ खाने-पिने से बाज रहने का नाम रोजा नही बल्के रोजा तो ये है की बेहुदा बातों से बचा जाए। 📕»» हाकीम Rozo Me Bhi Behuda Baato Se Bacha Jaye ♥️ Haq Baat : Sirf Khane-Peene Se Baaz Rahne Ka Naam Roza Nahi Balki Roza To Ye Hai Ki Behuda ...
☆ रमजान बरकत का महीना है ☆
___________________________________ ♥️ हदीस : अबु हुरैरा (रजीअल्लाहु अन्हु) से रिवायत है की, नबी ए करिम (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) ने फरमाया-- ❝ रमजान आया! ये बरकत का महीना है, अल्लाह तआला ने इसके रोजे तुम पर फर्ज किये, इसमे आसमान के दरवाजे खोल दिये जाते हैं, और दोजख के दरवाजे बन्द कर दिये जाते ...
☆ रमजान अल्लाह तआला की रहमतों का खजाना ☆
___________________________________ रमजान ऊल मुबारक का महीना अल्लाह तआला की रहमतों का खजाना है। जितनी भी असमानी किताबें नाजील हुई सब की सब रमजान ऊल मुबारक में नजील हुई •तौरात, •जबुर, •इंजील, •कुरआन-ए-करिम, या जो सहीफे नाजील हुए। इसलिए यह महीना अल्लाह तआला की खास रहमतों का महीना है। ✴उसकी रहमतों ...
☪💰 मसाइले ज़क़ात 💰☪
___________________________________ ▫️ जिसके पास 7.5 तोला सोना या 52.5 तोला चांदी या इसके बराबर की रक़म पर साल गुजर गया तो ज़कात फर्ज़ हो गई। 📕»» फतावा आलमगीरी, जिल्द 1, सफह 168 मसलन आज चांदी 39950 रू किलो है यानि 52.5 तोला चांदी 25168 रू की हुई तो अगर आज यानि 1 जून 2017 को कोई इतने रूपये का मालिक ...
☪💰 हिकायते ज़क़ात 💰☪
___________________________________ ▫️ हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैही वसल्लम फरमाते हैं कि मुसलमान को जो भी माल का नुक्सान होता है वो ज़कात ना देने के सबब से होता है। 📕»» बहारे शरीयत, हिस्सा 5, सफह 7 ▪️ शैतान हर तरह से इंसान को फरेब देने में लगा रहता है मगर जब कोई बंदा उसके फरेब में नहीं आता तो ...
☪💰 सदक़ये फित्र 💰☪
___________________________________ ▫️ सदक़ये फित्र मालिके निसाब मर्द औरत बालिग नाबालिग आकिल पागल हर मुसलमान पर वाजिब है 2 kg 47 ग्राम गेहूं की कीमत है । 📕»» अनवारुल हदीस, सफह 257 ▪️ मालिके निसाब मर्द पर अपना और अपनी नाबालिग औलाद की तरफ से सदक़ये फित्र देना वाजिब है बाप ना हो तो दादा दे मगर मां ...
☪ एतेक़ाफ ☪
___________________________________ ▫️ मस्जिद में रब की रज़ा के लिए ठहरना एतेक़ाफ कहलाता है इसकी 3 किस्में हैं👇 1). वाजिब - किसी ने मन्नत मानी कि मेरा ये काम होगा तो मैं 1,2 या 3 दिन का एतेक़ाफ करूंगा तो उतने दिन का एतेक़ाफ उस पर वाजिब होगा 2). सुन्नते मुअक़्किदह - रमज़ान में आखिर 10 रोज़ ...
☪ मसाइले रोज़ा ☪
___________________________________ रोज़े के 3 दर्जे हैं~ 1). अवाम का रोज़ा - सुबह सादिक़ से लेकर ग़ुरूब आफताब तक खाने पीने और जिमआ से परहेज़ करे, औरत हैज़ व निफास से पाक हो। 2). ख्वास का रोज़ा - इन सबके अलावा आंख, कान, नाक, ज़बान और हाथ पांव व तमाम आज़ा का गुनाहों से बाज़ रखना। 3). ख्वासुल ख्वास का रोज़ा ...
☪ तरावीह ☪
___________________________________ वैसे तो बहुत सारे लोगों की अब तक खत्मे क़ुरान बनाम तरावीह खत्म भी हो चुकी होगी और उन्हें मस्जिद ना जाने की आज़ादी भी मिल चुकी होगी मगर दर हक़ीक़त तरावीह रमजान का चांद देखकर शुरू करनी होती है और ईद का चांद देखकर खत्म, तरावीह मर्दो औरत दोनों के लिए सुन्नते मुअक़्क़िदा ...
☪ फज़ाइले रमज़ान शरीफ ☪
___________________________________ तमाम सुन्नी मुसलमानों को माहे रमज़ान शरीफ बहुत बहुत मुबारक हो हम पर खुदाये तआला का इनआम आ गया, रमज़ान आ गया अरे रमज़ान आ गया । जन्नत का दर खुला और जहन्नम हुई है बंद, हो जाओ खुश खुदा का ये फरमान आ गया। हमको की नेकियों में जो कर देगा तर बतर, ऐसा जहां में अबरये ...
✴️ बिदअत का बयान ✴️
___________________________________ सवाल:- बिदअत किसे कहते हैं और उसकी कितनी किस्में हैं❓ जवाब:- इसतिलाहे शरा (इस्लामी बूली) में बिदअत ऐसी चीज़ के ईजाद करने को कहते हैं जो हुजर अलैहिस्सलाम के जाहिरी जमाना में न हो ख्वाह वह चीज़ दीनी हो या दुनियावी ~(अशिअतुल्लमआत जिल्द अव्वल सफा 125) और बिदअत ...
✴️ शिर्क व कुफ्र का बयान ✴️
___________________________________ सवाल:- शिर्क किसे कहते हैं ❓ जवाब:- खुदायेतआला की जात व सिफ़ात में किसी को शरीक ठहराना शिर्क है। ज़ात में शरीक ठहराने का मतलब यह है कि दो या दो से जियादा खुदा माने जैसे ईसाई कि तीन खुदा मान कर मुश्रिक हुए और जैसे हिन्दू कि कई खुदा मानने के सबब ...
✴️ मरने के बाद जिन्दा होना ✴️
___________________________________ सवाल:- मरने के बाद जिन्दा होने का मतलब क्या है ❓ जवाब:- मरने के बाद जिन्दा होने का मतलब यह है कि कियामत के दिन जब जमीन, आसमान, इन्सान और फ़रिश्ते वगैरा सब फ़ना हो जाएंगे तो फिर खुदायेतआला जब चाहेगा हज़रते इसराफील अलैहिस्सलाम को जिन्दा फ़रमाएगा ...
✴️ तकदीर का बयान ✴️
___________________________________ सवाल:- तकदीर किसे कहते हैं ❓ जवाब:- दुनियां में जो कुछ होता है और बन्दे जो कुछ भलाई बुराई करते हैं खुदायेतआला ने उसे अपने इल्म के मुआफिक पहले से लिख लिया है उसे तक़दीर कहते हैं। सवाल:- क्या अल्लाहतआला ने जैसा हमारी तकदीर में लिख दिया है हमें ...
✴️ कियामत का बयान ✴️
___________________________________ सवाल:- कियामत किसे कहते हैं ❓ जवाब:- कियामत उस दिन को कहते हैं जिस दिन हज़रते इसराफील अलैहिस्सलाम सूर फेंकेंगे, सूर सींग के शक्ल की एक चीज़ है जिसकी आवाज सुनकर सब आदमी और तमाम जानवर मर जाएंगे। जमीन, आसमान, चांद, सूरज और पहाड़ वगैरह दुनिया की ...
✴️ हमारे नबी ﷺ ✴️
___________________________________ सवाल:- हमारे नबी कौन हैं ❓ उनका कुछ हाल बयान कीजिए❓ जवाब:- हमारे नबी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम हैं, जो 12 रबीउल अव्वल मुताबिक 20 अप्रैल सन् 571 ई0 में मक्का शरीफ में पैदा हुए। उनके वालिद का नाम हजरते अब्दुल्लाह और वालिदा का ...
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