देवबन्दी जमाअत के इमामे अव्वल मौलवी इस्माइल साहब लिखते हैं ~

(1). जो कोई यह बात कहे कि पैग़म्बरे खुदा या कोई इमाम या बुजुर्ग ग़ैब की बात जानते थे और शरीअत के अदब से मुंह से न कहते थे सो वह बङा झूठा है बल्कि गैब की बात अल्लाह के सिवा कोई जानता ही नहीं।
#(तक़वियतुल ईमान, सफा: 27)

(2). किसी अम्बिया व औलिया या इमाम व शहीद की जनाब में हरगिज यह अकीदा न रखे न उसकी तारीफ में ऐसी बात कहे।
#( तक़वियतुल ईमान सफा : 26 )


★मआजल्लाह★

📕 ज़लज़ला, सफ़हा न०-11

🖌️पोस्ट क्रेडिट ~ एस-अली।औवैसी

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